लखीमपुर खीरी

केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्र टेनी अपने बेटे आशीष मिश्र से मिलने लखीमपुर खीरी जिला जेल भी पहुंचे. जेल से निकलते वक़्त उन्होंने मीडिया से सिर्फ़ इतना कहा कि, "मैं अपने बेटे से मिलने गया था." कोर्ट में सरकार का पक्ष रखने वाले एडिशनल प्रॉसेक्यूटिंग ऑफ़िसर प्रदीप कुमार ने बताया कि मंगलवार को सभी अभियुक्तों को अदालत में पेश किया जायेगा और एसआईटी की अर्ज़ी पर सुनवाई की जाएगी. इसके बाद अदालत साक्ष्यों के आधार पर नयी धाराओं को जोड़ने के बारे में फैसला लेगी. सरकारी वकील एसपी यादव का कहना है कि, "मुल्ज़िम को अदालत में पेश किया जायेगा, और विवेचक की अर्ज़ी पर सुनवाई होगी. और नई धाराओं पर रिमांड स्वीकार करने के बारे में बात रखी जाएगी. उनके सामने जांच से जुड़े पेपर और सीडी रखी जाएगी." नियमों के मुताबिक़ घटना के नब्बे दिनों के अंदर अभियोजन पक्ष को मामले में चार्जशीट दाखिल करनी होती है और उसके बाद कोर्ट में ट्रायल शुरू होगा. उम्मीद जताई जा रही है कि जनवरी महीने में चार्जशीट दाखिल हो जाएगी. लेकिन सवाल अब भी बही है जैसे सत्ता का भा जा पा दुरुपयोग कर रही है ना तो अभी तक मंत्री के बेटे की चार्जशीट दाखिल हुई है और ना ही मंत्री महोदय का इस्तीफा दया गया है भाजपा शासन भाजपा शासन में किसानों के प्रति क्या कोई दया नहीं है कैसे किसानों को कुचला गया था जानवरों की तरह रौंदा गया था क्या यह भूल गई है भाजपा सरकार वहीं अगर यही घटना किसी और दल के राज्य में होती तो अब तक भारतीय जनता पार्टी किसानों का रोना रो रही होती लेकिन अब क्या अब तो इनकी मंत्री हैं किसानों की जान से ज्यादा इनके लिए एक मंत्री है कुल मिलाकर यह सरकार किसान विरोधी है आखिर किसान आखिर किसानों को न्याय कब मिलेगा न्याय के लिए किसान कहां जाएं जब सरकार ही उनका समर्थन नहीं करेगी यह बहुत दुखद है कि किसान आज भी न्याय के लिए दर-दर भटक रहा है
किसानों को मारने की मंशा से मंत्री के बेटे ने अपनी गाड़ी थार से किसानों को जानवरों की तरह रौंदा था उसकी सजा उसे जल्द से जल्द मिलने चाहिए

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