विक्रम वेदा कास्ट - ऋतिक रौशन, सैफ अली खान, राधिका आप्टे, शारिब हाशमी, रोहित सराफ, सत्यदीप मिश्रा, योगिता बिहानी. निर्देशन - पुष्कर एवं गायत्री. जब किसी फिल्म से आप कनेक्ट होते हो और जब आपको पता चलता है कि उस फिल्म रिमेक किया जा रहा है तो आप कहीं ना कहीं निराश हो जाते हो.निराशा इस बात से नहीं होती कि उसका रिमेक हो रहा है, निराशा इस बात से होती है जब वह फिल्म आपकी उम्मीदों पर खरे ना उतरते हुए कुछ और ही बन जाती है . विक्रम वेधा के रिमेक की घोषणा और फिर विजय सेतुपति सर के किरदार को ऋतिक सर द्वारा निभाया जाना, यह ख़बर, यह संकेत दे रहा था कि शायद, ये फिल्म इसके मूल वर्जन के साथ इंसाफ ना कर पाए और फिर कहीं ना कहीं ट्रेलर की रिलीज के बाद ऋतिक सर के संवाद कहने की शैली भी इसी ओर इशारा कर रही थी यकीन मानिए, जब कोई फिल्म आपको झूठा ठहराकर, आगे निकल जाती है ना तो इसका लुत्फ ही कुछ और होता है, बशर्ते आप इसे कबूल पाएं कि आप गलत थे. ...
खूब हुईं महंगाई की मार अबकी बार मोदी सरकार महंगाई जिंदाबाद देश भर में जिस तरह से महंगाई बढ़ रही है वो किसी से छुपी नहीं है। बढ़ती कीमतों ने लोगों की समस्याओं को और बढ़ा दिया है, जिसका सबसे ज्यादा खामियाजा समाज के गरीब तबके को उठाना पड़ रहा है। इस पर संयुक्त राष्ट्र व्यापार एवं विकास संगठन (यूएनसीटीडी) द्वारा जारी ताजा विश्लेषण से पता चला है कि खाद्य कीमतों में 10 फीसदी के उछाल से, निर्धन परिवारों की आय में 5 फीसदी की गिरावट आ जाती है। देखा जाए तो यह राशि इतनी है जितनी वो परिवार आमतौर पर अपनी स्वास्थ्य देखभाल सम्बन्धी जरूरतों पर खर्च करता है। यूएनसीटीडी के अनुसार देश भर में तेजी से आसमान छूती महंगाई और बढ़ता कर्ज बड़ी समस्या बन चुका है। इसके साथ-साथ खाद्य पदार्थों और ऊर्जा साधनों की बढ़ती कीमतों के चलते करोड़ों लोग जीवन यापन के सबसे बुरे दौर से गुजर रहे हैं। पिछले दो साल महामारी से जूझने के बाद वैश्विक अर्थव्यवस्था की स्थिति भी नाजुक हो चुकी है। ऊपर से यूक्रेन में जारी युद्ध और जलवायु में आते बदलावों ने स्थिति को बद से बदतर बना दिया है। आंकड़ों की मानें तो आज 60 फी...
ये भारत के अखबारों की खबरें है जिसमे अमेरिका यूरोप में दी जा रहीं नई तकनीक की mRNA वैक्सीन जो फाइजर और मोडर्ना ने विकसित की है उसके बारे में कहा गया है कि इसके लगाए जानें के बाद बड़े पैमाने पर हार्ट अटैक के केस सामने आए हैं इस खबर में कहा गया है कि सर्जन जोसेफ लाडापो ने ट्वीट कर बताया, ‘आज हमने कोविड mRNA वैक्सीन पर एक विश्लेषण जारी किया है, जिसे लेकर जनता को जागरूक होने की जरूरत है. इस विश्लेषण से पता चला है कि इससे 18 से 39 साल के पुरुषों में हृदय संबंधी मृत्यु का खतरा बढ़ जाता है. हम इस खतरे को देखते हुए चुप नहीं बैठ सकते हैं.’ इसमें आगे लिखा है कि पुरानी तकनीक की गैर-एमआरएनए वैक्सीन (जो भारत में दी गई है ) कि उनमें इस तरह के जोखिम नहीं पाए गए हैं..... जैसा कि मैंने ऊपर बताया कि यह भारत की अखबारों की खबरें है.....क्या आप गारंटी दे सकते है कि अमेरिका में भारत के बारे में ऐसी ही खबरे आ नही रही होगी कि भारत में जो पुरानी तकनीक की वैक्सीन दी जा रही है उनसे हार्ट अटैक बढ़े है ? क्योंकि यहां भी बड़े पैमाने पर युवाओं में हार्ट की समस्या सामने आ रही है !..... लेकिन इससे एक बात तो प्रू...
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जय हिंद