संविधान कि शपथ लेकर बनने वाले मुख्यमंत्री, मंत्री, विधायक तो खुल्लमखुल्ला संविधान कि धज्जी उड़ा रहें हैं। क्या उज्जैन में कलेक्टर,कमिश्नर, एस पी कि कुर्सी पर भी महाकाल विराजते है?? मुख्यमंत्री कैबिनेट के बीच मे बैठते हैं लेकिन आज वहां 'महाकाल' विराजित रहे। एक तरह से अध्यक्षता 'महाकाल' महाराज ने कि। महाकाल आस्था का महत्वपूर्ण स्थान है, संविधान का भी अपना महत्वपूर्ण स्थान है। मुस्लिम कैबिनेट में अजमेर शरीफ विराजे?? ईसाई जीसस को ?? सिख अपने गुरु को ?? जैन अपने गुरु को ?? सबका सम्मान रहे, संविधान कि मूल भावना यही है इसलिए संविधान कि शपथ दिलाई जाती है।
संविधान कि शपथ लेकर बनने वाले मुख्यमंत्री, मंत्री, विधायक तो खुल्लमखुल्ला संविधान कि धज्जी उड़ा रहें हैं। क्या उज्जैन में कलेक्टर,कमिश्नर, एस पी कि कुर्सी पर भी महाकाल विराजते है?? मुख्यमंत्री कैबिनेट के बीच मे बैठते हैं लेकिन आज वहां 'महाकाल' विराजित रहे। एक तरह से अध्यक्षता 'महाकाल' महाराज ने कि। महाकाल आस्था का महत्वपूर्ण स्थान है, संविधान का भी अपना महत्वपूर्ण स्थान है। मुस्लिम कैबिनेट में अजमेर शरीफ विराजे?? ईसाई जीसस को ?? सिख अपने गुरु को ?? जैन अपने गुरु को ?? सबका सम्मान रहे, संविधान कि मूल भावना यही है इसलिए संविधान कि शपथ दिलाई जाती है।

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जय हिंद